वर्तमान प्रथा से हटकर एक कदम उठाया जाएगा जिसके तहत न्यायाधीश भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष अपनी संपत्ति का खुलासा करते हैं तथा स्वेच्छा से उसे सार्वजनिक करने के लिए भी राजी हो सकते हैं.
बुधवार को संसद में यह विधेयक पेश किया गया. इसका मकसद संपत्तियों के प्रबंधन को बेहतर बनाना और वक्फ कानून की कमजोरियों को दूर करना है. लेकिन आलोचकों का कहना है कि यह वक्फ बोर्ड की आजादी खत्म करने की कोशिश है.
ट्रंप जबकि गोली दागने की धमकी दे रहे हैं, अपनी पीठ खुद ठोकने में व्यस्त भारतीय सत्ता-तंत्र को सुर्खियां बनवाने के मोह से छुड़ाने के लिए ऐसी ही धमकी की जरूरत थी.