दिलजीत दोसांझ अभिनीत ‘सतलुज’ फिल्म किसी पार्टी या नेता पर उंगली नहीं उठाती लेकिन हमें मालूम है कि पंजाब में जनसंख्या का स्वरूप ऐसा है कि यह फिल्म चिनगारी का काम कर सकती है.
केंद्र सरकार की तीखी राजनीतिक आलोचना करने के साथ-साथ, AAP सरकार ने पूरे पंजाब में 'सतलुज' की कम्युनिटी स्क्रीनिंग को लेकर हुए विवाद से खुद को दूर रखने की भी कोशिश की.
केतन अग्रवाल और सिया गोयल के हालिया मामले ने भारत में प्री-वेडिंग शूट पर फिर से सबका ध्यान खींचा है. उन्होंने भी खूबसूरत बाली में शूट की योजना बनाई थी.
जून में 'छात्रों की गूंज' की शुरुआत की गई. इसे पेपर लीक और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों को उठाने के लिए एक देशव्यापी आंदोलन के तौर पर पेश किया गया, जिसके तहत देश भर के शहरों में केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन की योजना बनाई गई.
दिलजीत दोसांझ अभिनीत ‘सतलुज’ फिल्म किसी पार्टी या नेता पर उंगली नहीं उठाती लेकिन हमें मालूम है कि पंजाब में जनसंख्या का स्वरूप ऐसा है कि यह फिल्म चिनगारी का काम कर सकती है.