80 से ज़्यादा उम्र की कैरॉन रॉन्सली जोधपुर के एक साधारण गेस्टहाउस में रहती हैं और हर दिन लकड़ी की छड़ी लेकर शहर की ऐतिहासिक बावड़ियों की सफ़ाई करने निकलती हैं.
80 से ज़्यादा उम्र की कैरॉन रॉन्सली जोधपुर के एक साधारण गेस्टहाउस में रहती हैं और हर दिन लकड़ी की छड़ी लेकर शहर की ऐतिहासिक बावड़ियों की सफ़ाई करने निकलती हैं.
युवाओं ने कुलीन तबकों की खुद की ओढ़ी उस चुप्पी को तोड़ दिया, जो उन्हें मोदी सरकार की आलोचना में एक भी शब्द खुलकर बोलने से रोकती थी, और कुछ कहना भी हो तो दाएं-बाएं, आगे-पीछे झांकने के बाद दबी आवाज में.