विरोध-प्रदर्शनों के दौरान लगाई गई पाबंदियों से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के अवमानना मामले में 3 वरिष्ठ अधिकारियों ने माफी मांगी है. हालांकि, अब तक के इतिहास में सजा मिलने के मामले बहुत कम रहे हैं; केवल 20 मामलों (1% से भी कम) में ही जेल या जुर्माने की सजा हुई है.
सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैलने वाली खबरें और आंकड़ों की कम समझ आधी-अधूरी बातों को बढ़ा सकती है. संदर्भ को समझकर विश्लेषण न कर पाने से मीडिया लोगों की सोच और लोकतंत्र की छवि को नुकसान पहुंचाता है.
10 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हिरासत में लिए गए करीब 400 लोगों में इमरान खान भी शामिल थे.
वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा, ‘हम सभी सरकार बदलना चाहते हैं, सरकार बदलना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है.’ दीपके ने पूछा कि प्रधानमंत्री मोदी के लिए ज्ञानेश कुमार ‘इतने जरूरी’ क्यों हैं.
पब्लिक ऑफिस में अपने 26वें साल में कदम रखते हुए मोदी कई तरह की मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. इस ने 2014 के बाद से मोदी के 3-सूत्रीय एजेंडे पर सबसे ज़्यादा दबाव डाला है.