पब्लिक ऑफिस में अपने 26वें साल में कदम रखते हुए मोदी कई तरह की मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. इस ने 2014 के बाद से मोदी के 3-सूत्रीय एजेंडे पर सबसे ज़्यादा दबाव डाला है.
दिल्ली के बैरिकेड्स से लेकर मुंबई के शिवाजी पार्क तक, ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज़ हो रहे हैं और राजनीतिक दल तथा छात्र संगठन इस मुद्दे पर एकजुट होने की कोशिश कर रहे हैं.
शनिवार को एक वीडियो संदेश में गांधी ने कहा कि सरकार विपक्ष के नेताओं और युवा प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार तो कर सकती है, लेकिन आंदोलन को रोक नहीं पाएगी.
पब्लिक ऑफिस में अपने 26वें साल में कदम रखते हुए मोदी कई तरह की मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. इस ने 2014 के बाद से मोदी के 3-सूत्रीय एजेंडे पर सबसे ज़्यादा दबाव डाला है.