तीन कारकों—राजनीतिक समर्थन, कलेक्टर के कार्यालय का एक 'लिसनिंग पोस्ट' (सूचना केंद्र) के रूप में कार्य करना, और उग्रवाद-विरोधी अभियानों में हस्तक्षेप न करना—ने यह सुनिश्चित किया कि दंतेवाड़ा अभियान सफल रहा.
शिवमोग्गा परिवार के लिए, उस मनहूस दिन के बाद से सब कुछ थम-सा गया है. अब न तो रातें लंबी लगती हैं, न ही मनाने के लिए कोई त्योहार बचा है, और न ही कोई मंजूनाथ है जो सबको हंसा सके.
एक दशक तक असफल प्रयासों के बाद, पंजाब सरकार ने एक नई कानूनी रणनीति अपनाई है, जिसके तहत राज्य के कानूनों का रास्ता अपनाकर ईशनिंदा-विरोधी सख्त कानून को पारित कराया जाएगा.
अमेरिका के लक्ष्य अधूरे रह गए, अब उसके पास न तो इतनी ताकत है और न इतना जोश है कि वह युद्ध फिर शुरू कर सके; और ईरान? घुटने टेकने की जगह वह पूरे संकल्प के साथ लड़ा. उसकी बागडोर अब ज्यादा कट्टरपंथी लोगों के हाथ में है