यह लिस्ट 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले जातिगत और सामाजिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश को दिखाती है, जिसमें OBC कैटेगरी के तीन और दलित समुदाय के दो उम्मीदवारों को नॉमिनेट किया गया है.
भारत में जीत को सिर्फ ज़मीन के नज़रिए से देखने की सोच भविष्य के युद्धों में रणनीतिक परेशानी बन सकती है और आगे के संघर्षों में उपलब्ध विकल्पों को सीमित कर सकती है.
श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के प्रमुख दिनेश शर्मा ने प्रेमानंद महाराज के लिए Z+ सुरक्षा की मांग की है. यह पत्र उनके एक शिष्य की आत्महत्या के कुछ दिनों बाद आया है.
यह लिस्ट 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले जातिगत और सामाजिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश को दिखाती है, जिसमें OBC कैटेगरी के तीन और दलित समुदाय के दो उम्मीदवारों को नॉमिनेट किया गया है.
आधुनिक भारत की छवि पर गांधी की छाया भले हावी रही हो, यह कभी गांधीवादी देश, ‘सॉफ्ट स्टेट’ नहीं रहा. नेहरू से लेकर पटेल तक इस गणतंत्र के तमाम संस्थापकों ने उनके विचारों को नहीं अपनाया.