विवाद तब हुआ जब विजय ने DMK की आलोचना करते हुए और इमरजेंसी के दौरान MISA का बार-बार ज़िक्र करने की बात कहते हुए अपने दाहिने हाथ की हथेली को जबड़े के पास रखा.
क्या भागवत के नेतृत्व में हिंदुत्व नरम हुआ है? खास तौर पर, क्या आज यह मुसलमानों को दूसरे भारतीयों की तरह स्वीकार करता है, बजाय इसके कि उन्हें देश से बाहर निकालने या खत्म करने की कोशिश करे?
त्रिशूली नदी के किनारे बिदुर से धुंचे तक जो सफर पहले 40 मिनट में कार से पूरा हो जाता था, अब टूटे-फूटे पहाड़ी रास्तों और खराब सड़कों से 6.5 घंटे में पूरा हो रहा है.
विवाद तब हुआ जब विजय ने DMK की आलोचना करते हुए और इमरजेंसी के दौरान MISA का बार-बार ज़िक्र करने की बात कहते हुए अपने दाहिने हाथ की हथेली को जबड़े के पास रखा.
‘ईबीपी’ का आइडिया बहुत अच्छा हो सकता है, लेकिन इसके लिए तीन-चार साल पहले से तैयारी करनी चाहिए थी. अब हम चीनी और दूसरी चीज़ों की बढ़ती कीमतों का सामना कर रहे हैं, जबकि त्योहार सामने हैं. इसके अलावा विदेशी मुद्रा की स्थिति भी खराब है.