रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया संकट का हवाला देने वाला हरियाणा सरकार का यह मितव्ययिता आदेश ऐसे समय आया है, जब परीक्षा पेपर लीक विवादों के बाद राजनीतिक गतिविधियां बढ़ रही हैं.
ऐसे सिस्टम में, जहां पेपर लीक और परीक्षाएं रद्द होने की घटनाएं बढ़ रही हैं, हर नौकरी के लिए होने वाली भागदौड़ किसी ओलंपिक खेल से कम नहीं है. दिप्रिंट ने मेरठ से मुजफ्फरनगर तक अभ्यर्थियों के साथ सफर किया, देखें हमारी फोटो गैलरी.
UPEIDA को इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट, जिसके हेड मिनिस्टर नंद गोपाल नंदी थे, से इंफ्रास्ट्रक्चर डिपार्टमेंट में शिफ्ट कर दिया गया, जिससे एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स और इंफ्रास्ट्रक्चर असल में CM की सीधी निगरानी में आ गए.
हमारे शहरी शासन का मुख्य अभिशाप यह नहीं है कि झुग्गी बस्ती जैसे गांवों या अवैध कॉलोनियों में ज्यादा वोटर रहते हैं, बल्कि यह है कि राजनीतिक जमात उनका जीवन स्तर सुधारने की जगह उन्हें रिझाने में लगी रहती है.