नेताओं की हत्या और भारी बमबारी, चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, हार और आत्मसमर्पण करवाने के लिए काफी नहीं हो सकती. इसके लिए लंबा और बहुत कठिन युद्ध लड़ना पड़ सकता है.
नेताओं की हत्या और भारी बमबारी, चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, हार और आत्मसमर्पण करवाने के लिए काफी नहीं हो सकती. इसके लिए लंबा और बहुत कठिन युद्ध लड़ना पड़ सकता है.
जब ग्राहक द्वारका भारती की दुकान में आते हैं, तो जूतों के साथ रखी किताबें देखकर पूछते हैं क्या वे पढ़ते हैं, लेकिन वे कम ही बताते हैं कि वे एक लेखक भी हैं.
दिप्रिंट को दिए इंटरव्यू में असम कांग्रेस प्रमुख गौरव गोगोई ने सिंगर ज़ुबीन गर्ग की मौत की जांच, राइजर दल और AJP के साथ गठबंधन और हिमंत बिस्वा सरमा के आरोपों पर बात की.
एक पक्ष सोचता है कि आज भारत अपनी हैसियत से ज्यादा आगे बढ़कर कदम उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सोचता है कि मोदी ने भारत की हैसियत कमजोर कर दी है और भारत अपनी हैसियत से कम कदम उठा रहा है. सच यह है कि दोनों ही गलत हैं.