'दिप्रिंट' के साथ एक इंटरव्यू में कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत की विदेश नीति 'लेन-देन पर आधारित' हो गई है और उनका तर्क है कि बातचीत के बिना पाकिस्तान के साथ शांति कायम नहीं की जा सकती.
हाल ही में इकोनॉमिस्ट के एक आर्टिकल, ‘इंडियाज़ रिपब्लिक ऑफ अंकल्स’ में दिक्कत यह है कि एक चालाक मेट्रोपॉलिटन कैरिकेचर को सिविलाइज़ेशनल डायग्नोसिस समझने की पुरानी आदत है.
'दिप्रिंट' के साथ एक इंटरव्यू में कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत की विदेश नीति 'लेन-देन पर आधारित' हो गई है और उनका तर्क है कि बातचीत के बिना पाकिस्तान के साथ शांति कायम नहीं की जा सकती.