scorecardresearch
Sunday, 13 September, 2026

ख़ास ख़बर

UAE के क्राउन प्रिंस के रवाना होते ही दिल्ली पहुंचे सऊदी विदेश मंत्री, BRICS में दिखी खाड़ी की रणनीति

यमन और सूडान के मामलों पर अलग-अलग रुख और क्षेत्र में जारी टकरावों के कारण, कई मुद्दों पर इन दोनों देशों की राय एक-दूसरे से मेल नहीं खाती; उनकी अलग-अलग सोच के पीछे उनकी प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाएं और महत्वाकांक्षाएं हैं.

The FinePrintFree for a limited time
Our Premium Offering

ताज़ा-तरीन खबरें

मक्का समझौता कितना मजबूत? सऊदी पर हूती हमलों के बीच पाकिस्तान की चुप्पी ने उठाए सवाल

सऊदी अरब पर हूती हमलों ने मक्का समझौते की एक बुनियादी कमज़ोरी को उजागर कर दिया है: इसके सदस्य भले ही एक ही आस्था रखते हों, लेकिन ज़रूरी नहीं कि वे खतरों को लेकर एक जैसी सोच रखते हों.

‘भारत की विविधता क्यों छिपाई?’ :BRICS में वेज खाने को लेकर विपक्ष ने मोदी सरकार पर साधा निशाना

शनिवार को दिल्ली के भारत मंडपम में पीएम मोदी द्वारा आयोजित डिनर में शाकाहारी व्यंजन परोसे गए, जिनमें खांडवी मिल, खुम्ब गलोटी, पनीर लबाबदार, मिलेट पुलाव आदि शामिल थे.

वीडियो

BRICS: मंच एक लेकिन मकसद अलग—चीन, रूस और भारत आखिर चाहते क्या हैं?

भारत, चीन, रूस में तालमेल से ज्यादा अंतर्विरोध दिखता रहा है. दुनिया को देखने का हर एक का अलग-अलग नजरिया है, उनके प्रतिद्वंद्वी भी अलग-अलग हैं. सो, कड़वी हकीकत यह है कि BRICS ऐसे सभी समूहों में सबसे अप्रासंगिक समूह है.