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Saturday, 21 February, 2026

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भारत 1971 को ही याद न करता रहे, बांग्लादेश से लेन-देन वाला रिश्ता बनाने की सोचें

बांग्लादेश की राजनीतिक व्यवस्था कुछ समय के लिए औपचारिक धर्मनिरपेक्षता के दौर में रहने के बाद बंटवारे के पहले वाली हकीकत के दौर की ओर लौट रही है. भारत को इसे समझते हुए रिश्ते तय करने चाहिए.

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भारत 1971 को ही याद न करता रहे, बांग्लादेश से लेन-देन वाला रिश्ता बनाने की सोचें

बांग्लादेश की राजनीतिक व्यवस्था कुछ समय के लिए औपचारिक धर्मनिरपेक्षता के दौर में रहने के बाद बंटवारे के पहले वाली हकीकत के दौर की ओर लौट रही है. भारत को इसे समझते हुए रिश्ते तय करने चाहिए.

किचन से बारटेंडिंग की तरफ बढ़ते पहाड़ी— ‘समुदाय ने सफलता का स्वाद चखा है’

दून बार अकादमी के संस्थापक कुलदीप सिंह ने कहा, ‘आमतौर पर सेना में कोई ऐसा व्यक्ति होता था जो घर बना सकता था, कार खरीद सकता था, परिवार का खर्च उठा सकता था. आज, बारटेंडर को वह दर्जा प्राप्त है.

रेखा गुप्ता की चूक से वेलफेयर योजनाओं की रफ्तार धीमी, आयुष्मान भारत और अटल कैंटीन पर असर

दिल्ली की मुख्यमंत्री के तौर पर एक साल पूरा होने के बाद गुप्ता कहती हैं, 'यह वादों की नहीं, बल्कि नतीजों की सरकार है.' कुछ चुनावी वादे पूरे हो गए हैं, कुछ योजनाएं अभी लागू होनी बाकी हैं.

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दुनिया का नया खेल: ट्रंप वक्त जुटाने, चीन ताकत बढ़ाने, भारत अपने लिए जगह ढूंढने में जुटा

हर देश अब यह खेल खेलना सीख रहा है. कुछ देश नए सहयोगी ढूंढ रहे हैं या उन देशों की अहमियत समझ रहे हैं, जिनमें पहले उनकी बहुत कम दिलचस्पी थी. इसका सबसे साफ उदाहरण भारत और यूरोप हैं.