'कॉकरोच जनता पार्टी' को लेकर मोदी सरकार की घबराहट साफ़ नज़र आती है, क्योंकि उसे ऐसे दुश्मनों से लड़ने की आदत है जिन्हें वह देख-छू सकती है—यानी ऐसे लोग जिन्हें वह गिरफ़्तार कर सकती है या खरीद सकती है. लेकिन, आप किसी एल्गोरिदम को सलाखों के पीछे कैसे डाल सकते हैं?
'कॉकरोच जनता पार्टी' को लेकर मोदी सरकार की घबराहट साफ़ नज़र आती है, क्योंकि उसे ऐसे दुश्मनों से लड़ने की आदत है जिन्हें वह देख-छू सकती है—यानी ऐसे लोग जिन्हें वह गिरफ़्तार कर सकती है या खरीद सकती है. लेकिन, आप किसी एल्गोरिदम को सलाखों के पीछे कैसे डाल सकते हैं?
अभिजीत दीपके ने शनिवार सुबह-सवेरे एक रील पोस्ट की, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने देश में किसी भी विरोध-प्रदर्शन का आह्वान नहीं किया है. इसके कुछ ही घंटों बाद, CJP का इंस्टाग्राम पेज हैक हो गया.
विजय के आगे बढ़ने से इस बात पर बहस फिर से शुरू हो गई है कि क्या वे द्रविड़ आंदोलन के आइडियोलॉजिकल वारिस हैं या Gen Z को रिप्रेजेंट करते हुए इस आइडियोलॉजी के मॉडर्नाइज़्ड वर्शन के अग्रदूत हैं.
तेल का झटका, मॉनसून फेल होने का डर, व्यापक बेरोजगारी, और आसन्न महंगाई से उपजे संकट इंदिरा युग में भी थे और आज भी हैं; इंदिरा गांधी ने जो आत्मघाती कदम उठाया था वह आज के लिए भी एक सबक है.