ममता बनर्जी के साथ मजबूती से खड़े टीएमसी सांसद ने साथी सांसद काकोली घोष दस्तीदार के दावे पर सवाल उठाए, कहा—जो पार्टी छोड़ना चाहते हैं, उनके जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता.
हमारे शहरी शासन का मुख्य अभिशाप यह नहीं है कि झुग्गी बस्ती जैसे गांवों या अवैध कॉलोनियों में ज्यादा वोटर रहते हैं, बल्कि यह है कि राजनीतिक जमात उनका जीवन स्तर सुधारने की जगह उन्हें रिझाने में लगी रहती है.