CM योगी ने अलीगढ़ का दौरा छोटा किया, उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए और PM ने मुआवज़े का ऐलान किया. पीड़ितों में ज़्यादातर 20 से 24 साल के पुरुष और महिलाएं थीं.
कोई टकराव, कोई राजनीतिक दखलंदाज़ी और कोई सांप्रदायिक हिंसा नहीं हुई. बदायूं की पुलिस, जिसकी दखलंदाज़ी से यह सब मुमकिन हो पाया, खुलकर बताती है कि मामला इतनी आसानी से कैसे सुलझ गया.
विचारधारा या सत्ता की गोंद राजनीतिक दलों को जोड़े रखती है. इनमें से कोई भी अगर उन्हें न जोड़ती हो तो दलबदल उद्योग जैसे पैमाने पर होने लगता है, जैसा इन दिनों हुआ है.