कृषि क़ानूनों से लेकर अग्निपथ तक के संदर्भ में आप कह सकते हैं कि मोदी सरकार ‘जय जवान, जय किसान’ वाली भावना की कसौटी पर विफल रही है. उसने हिंदी पट्टी के किसानों और सैनिकों सरीखे अपने सबसे वफादार जनाधार के समर्थन को अपने लिए गारंटीशुदा मानने की भूल की है.
हम अक्सर अपने शहरों के बदलाव को चौड़ी सड़कों, बेहतर बुनियादी ढांचे के माध्यम से मापते हैं. लेकिन शहरी विकास को इस बात से मापा जाना चाहिए कि लोग पब्लिक जगहों का कितने आराम से इस्तेमाल कर सकते हैं.
उत्तर प्रदेश की राजनीति में ऐसे कई मुख्यमंत्री रहे हैं, जिन्होंने शपथ लेते समय राज्य विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य नहीं होने के बावजूद मुख्यमंत्री पद संभाला. इनमें मायावती से लेकर राजनाथ सिंह तक शामिल हैं.
नेतन्याहू की जीत इसलिए मानी जाएगी क्योंकि उन्हें हराया नहीं जा सका है. हमास की ‘कृपा’ से उन्होंने इजरायल को पूरी तरह बदल दिया है. अब वहां अरब नागरिकों को अलग करके ही कोई गठबंधन सत्ता में आ सकता है.