हालांकि तालिबान को सऊदी अरब से तेल के क्षेत्र में निवेश मिल रहा है, लेकिन वादों को असल प्रोजेक्ट्स में बदलना दोनों पक्षों के लिए असली परीक्षा हो सकती है. अफ़गानिस्तान में चीन का अनुभव इस बारे में कुछ जानकारी देता है.
सऊदी अरब पर हूती हमलों ने मक्का समझौते की एक बुनियादी कमज़ोरी को उजागर कर दिया है: इसके सदस्य भले ही एक ही आस्था रखते हों, लेकिन ज़रूरी नहीं कि वे खतरों को लेकर एक जैसी सोच रखते हों.