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Monday, 13 July, 2026
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इंडियन अंकल्स का मज़ाक उड़ाइए, लेकिन उन्हें भारत की पूरी तस्वीर मत मानिए

हाल ही में इकोनॉमिस्ट के एक आर्टिकल, ‘इंडियाज़ रिपब्लिक ऑफ अंकल्स’ में दिक्कत यह है कि एक चालाक मेट्रोपॉलिटन कैरिकेचर को सिविलाइज़ेशनल डायग्नोसिस समझने की पुरानी आदत है.

मोदी सरकार ने भी ताजमहल की साज़िश को खारिज कर दिया, फिर इलाहाबाद HC इसे गंभीरता से क्यों ले रहा है?

जो समाज आज की राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए अपने इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करता है और उसकी अहमियत कम करता है, वह आखिरकार खुद अपना ही नुकसान करता है.

इंडो-पैसिफिक में मोदी, गल्फ में जयशंकर—भारत कैसे अपना स्ट्रेटेजिक मैप फिर से बना रहा है

जुलाई भारत की कूटनीति के लिए सबसे व्यस्त महीनों में से एक हो सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर दुनिया के बड़े रणनीतिक क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं. इन यात्राओं का मकसद संबंध मजबूत करना और ठोस नतीजे हासिल करना है.

जब मारिजुआना पर रोक है, तो भांग को छूट क्यों?

यह सवाल उठता है कि क्या मारिजुआना को अपराध की श्रेणी से बाहर किया जाना चाहिए या कम से कम दूसरे नशीले पदार्थों से अलग तरीके से देखा जाना चाहिए.

ई-रिक्शा प्रैंक से RWA में लिफ्ट पर रोक तक—भारत में गरीबों का मज़ाक कैसे बन गया है मनोरंजन

इस तरह के व्यवहार के लिए एक शब्द है, जो वन्यजीव संरक्षण से लिया गया है, जो जानवरों को पीड़ित देखने के आनंद के लिए उनका शिकार करने या उन्हें चारा डालने को वर्णित करता है: रिक्रिएशनल क्रूएलिटी.

अपने हिंदू इतिहास को अपनाए बिना पाकिस्तान हड़प्पा की विरासत पर अपना हक नहीं जता सकता

जिस हफ्ते पाकिस्तान को अपनी “असाधारण” विरासत को बचाने के लिए ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया से फंड मिला, उसी हफ्ते उसने लाहौर के पास एक 125 साल पुराने गुरुद्वारे को ढहा दिया.

भारत $1 ट्रिलियन एक्सपोर्ट के रास्ते पर, लेकिन FTA पतंग में डोरी की समस्या: पीयूष गोयल

भारत-यूके CETA के तहत 15 जुलाई से ड्यूटी-फ्री एक्सेस का वादा है, लेकिन असली फैसला किसी बड़े स्तर की बैठक नहीं, बल्कि प्रक्रिया से होगा.

म्यांमार और बांग्लादेश में चीन बढ़ा रहा है अपना प्रभाव, भारत की सबसे बड़ी ताकत है उसका भूगोल

बांग्लादेश अगर चीन की तरफ हाथ बढ़ाता है या म्यांमार चीन पर निर्भर होता है तो भारत को जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए.

विजयवर्गीय ने अधिकारियों की खुशामदगिरी पर तंज कसा, मगर IAS-IPS-IRS अफसरों का ही पलड़ा भारी है

मोदी सरकार सार्वजनिक तौर पर नौकरशाहों का मज़ाक उड़ा सकती है, लेकिन वफादार अधिकारियों पर उसका भरोसा और उनकी जरूरत पहले से कहीं ज्यादा नजर आती है.

‘क्यों’ का सवाल छोड़ते ही विज्ञान ने अपनी आत्मा खो दी, अब वह सिर्फ तकनीक बन कर रह गया है

हमने अपना ध्यान 'फ़ीड' को सौंप दिया. हमने अपनी याददाश्त सर्च इंजन को सौंप दी. हमने अपना एकांत नोटिफ़िकेशन को सौंप दिया. जो चीज़ दोबारा मिल सकती है, उसे याद रखने की क्या ज़रूरत है?

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हिमाचल प्रदेश में 150 फुट गहरी खाई में गिरी कार, तीन लोगों की मौत

नाहन, 12 जुलाई (भाषा) हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में नाहन-कुमारहट्टी-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार देर रात एक कार के 150 फुट गहरी खाई...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.