कभी जहां जाना भी खतरनाक था, दंतेवाड़ा का पोटाली गांव अब दोबारा खुले स्वास्थ्य केंद्र और NEET में सफलता का जश्न मना रहा है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि उनका लक्ष्य युवाओं के आगे बढ़ने के लिए नए मौके बनाना है.
मोज़ेरेला या पैकेट में मिलने वाले प्रोसेस्ड चीज़ के उलट, याक चुर्पी में हिमालय के मुश्किल इलाकों, जीवन-संघर्ष और पीढ़ियों से चली आ रही चरवाहा परंपराओं की कहानी छिपी होती है.
मेहरौली प्रीमियर लीग ने दिल्ली के एक कोने को अपने खुद के IPL में बदल दिया है, जहां गली क्रिकेट में भी जर्सी, कमेंटेटर, ज़बरदस्त प्रतिद्वंद्विता और भारत के लिए खेलने के सपने देखने को मिलते हैं.
CAA-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस की पिटाई का शिकार हुए जामिया के छात्रों को CJP मार्च में 2019 की झलक दिखती है—और साथ ही, लोगों की प्रतिक्रिया में ज़बरदस्त फ़र्क भी नज़र आता है.
LC3 को अक्सर हाल के सालों में सीमेंट इंडस्ट्री का सबसे बड़ा एक्सपेरिमेंट कहा जाता है. साइंटिस्ट कैरन स्क्रिवेनर इसे पेटेंट करा सकती थीं और बहुत सारा पैसा कमा सकती थीं, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.
इंस्टाग्राम पर ‘ग्रैनफ्लुएंसर’ की संख्या बढ़ रही है, यह शब्द उन बुज़ुर्गों के लिए इस्तेमाल होता है जो सोशल मीडिया पर अपनी जानकारी, राय, लाइफस्टाइल या फैशन शेयर करते हैं.
पश्चिमी दिल्ली के बक्करवाला गांव में 8.59 करोड़ रुपये की लागत से बनी इमारत को एक एजुकेशन हब बनना था. इसे 5 संस्थानों के लिए तय किया गया था, लेकिन 3 सरकारी संस्थाओं ने एक-दूसरे पर ज़िम्मेदारी टाल दी और वहां कभी कोई क्लास नहीं चली.
जयबीर निहाल सिंह ने 30 मिलियन डॉलर का स्टार्टअप खड़ा किया है, दिल्ली में उनके परिवार के नाम पर एक सड़क है और उनके इंस्टाग्राम रील्स भारत के एलीट वर्ग के तौर-तरीकों की पोल खोलते हैं.
वक्फ बोर्डों का भविष्य सिर्फ बाहर से थोपी गई चीज़ों का विरोध करने पर निर्भर नहीं करेगा, बल्कि मुस्लिम समुदाय और आम जनता, दोनों का भरोसा जीतने पर भी निर्भर करेगा.